खर्च डायरी तो नहीं चल सकी, लेकिन यह एक आदत चल गई।
महीने के आखिरी रात को सिर्फ 5 मिनट - उस महीने का "अधिक समय न खर्च हुआ कब" लिख देना।
शाम जब प्लान नहीं हुआ।
छुट्टी का दिन जब फोन देखते-देखते खत्म हो गया।
शनिवार की सुबह जब कुछ करने का मन था पर नहीं हुआ।
ऐसे रिक्त समय को बस याद करके नोट में डालना।
इससे अगले महीने की गति धीरे-धीरे ठीक हो गई।
"खर्च समय" से "खाली समय" ज्यादा सुराग देता है
समय का इस्तेमाल बेहतर करने के लिए अक्सर लोग शेड्यूल को नए सिरे से भरते हैं।

