लोगों से बंधाव - जो तुम्हें आता है, उसे लेते रहते हो। या अपने तरफ़ से देते हो?
जब तुम लेते हो तो, दिमंत्र कम होते हैं।
पर महीने में एक बार अगर "तुम जगह बनाते हो" तो, धीरे-धीरे तुम्हारे पास दिलचस्प लोगों का प्रवाह बनता है।
विशेष मेज़बान नहीं हो।
बस, महीने में एक दिन, एक समय, एक जगह तय कर दो - जहाँ कोई आ सकता है।
इतना ही, और लंबे रिश्ते आ जाते हैं।

